आत्मा क्या है | What is Soul | What is Soul in Hindi | 7 रोचक बातें आत्मा के बारे में |

आज के इस लेख में हम आत्मा क्या है इसके बारे में मैं जाने की कोशिश करेंगे|

आत्मा क्या है(What is Soul)

आत्मा को बारे मे हमारे शास्त्र मे बहुत कुछ कहा गया है तथा उसको अनुभव  करने वाले साधक भी बहुत कुछ कहते है। 

चलीये जानते हैं 7 रोचक बातें आत्मा के बारे में :

1- आत्मा अविनाशी, असीम, अनगिनत है, हर एक जीव का पंच भौतिक शरीर ही मरता है लेकिन आत्मा नही।

2- जीव 2 प्रकार का होता हैं – सजीव और निर्जीव, सजीव 4 प्रकार में है – जरायुज (Born from the womb), अन्डज, स्वेदज और उदविदज, इन सब में आत्मा होता है। लेकिन शरीर, आकार, प्रकार, गुण, स्थान, देश के अनुसार यह अलग होता है।

What is Soul

3- मानव को छोड़कर सभी जीव में आहार, निद्रा, भय और मैथुन सामान्य गुण होता हैं

 4- सिर्फ मानव शरीर मे उपर्युक्त 4 गुण के अतिरिक्त सद्गुण, सद्ज्ञान (good sense) यह सभी समस्त पूर्ण मात्रा में रहता है।

5- शास्त्र मे आत्मा के स्वरूप अलग अलग है लेकिन कुछ शास्त्र मे एक जैसा है। 

6- आत्मा परमात्मा का हि अंश है जैसे एक चिंगारी (Spark) से अनेक दिया जलता है। ऐसा हि गुण गुण-कर्म अलग भी होता है। जैसे वर्तन के अनुसार बारिश के पानि कि मात्रा अलग होता है। वैसे आत्मा एक होते हुए भी अलग होता है।

7 – यही आत्मा मानव शरीर मे प्रवेश करके प्रवृत्ति और निवृत्ति मार्ग को अपनाकर परमात्मा मे लीन होता है नही तो इस पृथ्वी पर वारवार जन्म-मृत्यु चक्र में पड़ता है। 

कल्याण का अर्थ सबको ज्ञात हैं जैसे मंगल, सुखकर, शरीर, से लेकर परिवार गांव, देश, प्रदेश और विश्व का सुख हि कल्याण है।

what is soul in hindi

भारत शब्द का अर्थ आदिगुरु श्री शंकरचार्य के मत में ‘भाया रत्न’ भारत । अर्थात जो देश भा – प्रतिभा (ज्ञान मे सराबोर है) इसके प्रति जो आसक वह भारत वर्ष है। इसलिए हमारे वेबसाइट के नाम ‘आत्म कल्याण भारत’ है।

Conclusion

तो यह था हमारे वेबसाईट आत्म कल्याण भारत का परिचय, आगे बहुत सी रोचक बाते हम आप तक पोहोचते रहेंगे। आशा करते हैं आपको ज्ञान के सागर मे से लिया हुआ छोटा सा भाग जो हमने आप सभी को सांझा किया वह पसंद आया होगा। हमसे जुडने के लीये धन्यवाद।

मानव जाति का कल्याण कैसे होगा इसी विषय पर बात इस वेबसाइट मे किया जाएगा। मानव का गर्भधारण से लेकर अन्तिम सत्य मृत्यु तक क्या करना ना करना इन सभी विषयों का वर्णन इसि मे होगा|

Garvdharan and Vivah Ke 14 Rochak Baatein

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